युवा कांग्रेस ने पौधरोपण कर मनाया सोनिया गांधी का जन्मदिवस

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सोनभद्र (राकेश अग्रहरि/मुकेश सिंह)

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सोनभद्र। भारतीय युवा कांग्रेस लोक सभा राबर्ट्सगंज ने रविवार को पीठा गाँव मे पौधरोपण कर कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का 72वॉ जन्मदिवस मनाया व उनके लंबी उम्र की कामना किया।संघठन के लोक सभा राबर्ट्सगंज अध्यक्ष आशुतोष कुमार दुबे (आशु) ने कहा कि इनके बारे में जो कहा जाए वो कम है।सोनिया गांधी त्याग की प्रतिमूर्ति है।उन्होंने पूरी जिंदगी संघर्ष किया।श्रीमती गांधी ने 1997 में कोलकाता के प्लेनरी सेशन में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की और 1998 में वो कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयीं।सोनिया गांधी अक्टूबर 1999 में बेल्लारी, कर्नाटक से और साथ ही अपने दिवंगत पति के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी, उत्तर प्रदेश से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ीं और करीब तीन लाख वोटों की विशाल बढ़त से विजयी हुईं।1999 में 13वीं लोक सभा में वे विपक्ष की नेता चुनी गईं।2004 में सोनिया गांधी ने देश भर में घूमकर खूब प्रचार किया और सब को चौंका देने वाले नतीजों में यूपीए को अनपेक्षित 200 से ज़्यादा सीटें मिली।सोनिया गांधी जी स्वयं रायबरेली, उत्तर प्रदेश से सांसद चुनी गईं।16 मई 2004 को सोनिया गांधी 16-दलीय गंठबंधन की नेता चुनी गईं, सबको अपेक्षा थी की सोनिया गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगी और सबने उनका समर्थन किया परंतु एन डी ए के नेताओं ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर आक्षेप लगाए।18 मई को सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को अपना उम्मीदवार बताया और पार्टी को उनका समर्थन करने का अनुरोध किया और प्रचारित किया कि सोनिया गांधी ने स्वेच्छा से प्रधानमंत्री नहीं बनने की घोषणा की है।ये त्याग केवल कांग्रेस पार्टी का ही व्यक्ति कर सकता है।सब नेताओं ने मनमोहन सिंह का समर्थन किया और वे प्रधानमंत्री बने पर सोनिया गांधी को दल का तथा गठबंधन का अध्यक्ष चुना गया।राष्ट्रीय सुझाव समिति का अध्यक्ष होने के कारण सोनिया गांधी पर लाभ के पद पर होने के साथ लोकसभा का सदस्य होने का आक्षेप लगा जिसके फलस्वरूप 23 मार्च 2006 को उन्होंने राष्ट्रीय सुझाव समिति के अध्यक्ष के पद और लोकसभा का सदस्यता दोनों से त्यागपत्र दे दिया।मई 2006 में वे रायबरेली, उत्तरप्रदेश से पुन: सांसद चुनी गईं और उन्होंने अपने समीपस्थ प्रतिद्वंदी को चार लाख से अधिक वोटों से हराया।2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर यूपीए के लिए देश की जनता से वोट मांगा।एक बार फिर यूपीए ने जीत हासिल की और सोनिया गांधी यूपीए की अध्यक्ष चुनी गईं।महात्मा गांधी की वर्षगांठ के दिन 2 अक्टूबर 2007 को सोनिया गांधी ने संयुक्त राष्ट्र संघ को भी  संबोधित किया।ये सब यह दर्शाता है कि उन्होंने अपने जीवन में कांग्रेस पार्टी के लिए क्या कुछ नही किया।युवाओ ने अपने-अपने विचार रखे।इस मौके पर मनोज मिश्रा, लोक सभा सोशल मीडिया सूरज वर्मा, युवा नेता श्रीकान्त मिश्र, गिरीश चंद्र मिश्र, सुशील कुमार, रामानंद, नितेश कुमार, सत्यम कुमार, राज मिश्र, मोहित, संजय आदि मौजूद रहे।

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