जानकारों के आभाव में चोपन सीएचसी की एक्सरे मशीन बनी खिलौना

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चोपन (मनोज चौबे)

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चोपन। एक तरफ जहां मोदी योगी की सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कर रही है वहीं चोपन स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरकार के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।लगभग 30 शैय्या वाले इस अस्पताल के वार्डों में मरीजों की संख्या प्रायः नगण्य ही रहती है।इस समय संक्रामक बीमारियों सहित सर्दी बुखार से पीड़ित व्यक्तियों के अस्पताल पहुंचने की संख्या बढ़ी हुई है।बताया जाता है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर भर्ती योग्य गंभीर मरीजों को तत्काल जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर देते हैं।यही नहीं लगभग 2 माह पूर्व अस्पताल में फेक्चर की जांच करने के लिए लगभग ₹800000 लागत की डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई थी, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा कराया गया था।बताया जाता है कि उद्घाटन के दौरान कुछ दिनों के लिए x-ray टेक्निशियन को दुद्धी अस्पताल से बुलवा कर चालू तो करवा दिया गया लेकिन कुछ दिनों के बाद ही वह अपना गैर जनपद स्थानांतरण करवा कर के चला गया, तब से लेकर आज तक एक्सरे मशीन का कमरा बंद पड़ा हुआ है।यहां पर एक डार्क रुम सहायक टेक्निशियन मौजूद है लेकिन एक्सरे कक्ष के दरवाजे पर मशीन खराब है कि नोटिस चस्पा कर के अक्सर कमरे पर ही आराम फरमाता रहता है जिसके कारण चोपन रेणुका पार सहित आसपास के दर्जनों गांव के मरीजों को इलाज के लिए तथा एक्सरे के लिए जिला अस्पताल जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। मौके पर मौजूद मरीज रामबरन ने बताया कि शुक्रवार को लगभग 9:00 बजे प्रातः अपनी आंखों की जांच कराने के लिए 12 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर अस्पताल आया था लेकिन 12:00 बजने के बाद भी नेत्र चिकित्सक का कहीं अता-पता नहीं है जबकि कमरा खुला हुआ है लेकिन अंदर कोई मौजूद नहीं है।

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बताते चलें कि चोपन ब्लाक का यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मध्य प्रदेश की सीमा से लगने वाले नेवारी, भरहरी, परसोंई, जुगैल, करगरा, गुरदह, मीतापुर, टापू, घटिहटा, बरगवां, चौरा बिजौरा, कुरछा, चतरवार आदि गांवो के मरीजों के लिए एकमात्र आश्रय है लेकिन चिकित्सकों के मनमाना पूर्ण रवैया के कारण मरीज परेशान और हलकान हैं। लोगों ने इस दिशा में जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

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