भंडारण लाइसेंस की आड़ में पूर्वांचल की मंडियों तक पहुँच रहा अवैध खनन का बालू

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म्योरपुर (राजीव मिश्र)

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– सिकुड़ रही दक्षिणांचल की नदियां

– नदियो से अवैध बालू खनन पर रोक की उठी मांग

म्योरपुर। दक्षिणाचल के म्योरपुर, बभनी और बीजपुर थाना क्षेत्र के लैरा, अंजीर, लौवा, असनहर आदि नदियो से बालू का अवैध खनन कर भण्डारण के लाइसेंस की आड़ में पूर्वांचल के मंडियो में  खपाया जा रहा है।जिससे नदियों के अस्तिव पर खतरा मंडराने लगा है।लगातार खनन से नदियो का दायरा भी सिमट रहा है, साथ ही जल स्तर भी तेजी से खिसक रहा है।जनपद के दक्षिणांचल में नदियों से अवैध खनन का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है।अब तो बालू भंडारण के लाइसेंस की आड़ में यह काम और भी परवान चढ़ रहा है।कागजी कार्यवाही की आड़ में बालू का व्यापार चरम पर है।ग्रामीणों की माने तो म्योरपुर व बभनी ब्लाक के भंडारण स्थल पर रात में बालू अवैध खनन कर  नदियो से निकाल कर डम्प किया जा रहा है और उसे पूर्वांचल के मंडियों में खपाया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व जिलाधिकारी ने भंडारण का लाइसेंस इस मकसद से दिया था कि शौचालय और आवास के निर्माण में दिक्कत नही आये, पर इसका गलत उपयोग हो रहा है।खननकर्ता इसे बाहर भेज रहे है और लोकल में बालू मिल नही रहा है।कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।जिससे स्थानीय नदियो का जीवन सुरक्षित रह सके।उपजिलाधिकारी रामचन्द्र का कहना है कि भंडारण का बालू बाहर भी बेचा जा सकता है।कहा कि लोकल नदियो से बालू खनन के मामले की जांच कराई जाएगी और स्थानीय नदियो से खनन होता पाया गया तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी।उधर पर्यावरण कार्यकर्ता जमुना, रमेश प्रमोद शर्मा, अमन, विजय, दिनेश जायसवाल आदि ने जिलाधिकारी से कार्यवाही की मांग की है

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